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बुधवार, 15 मई 2013

शिलापट पर अब सिब्बल का भी नाम..!


बस केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का नाम ही बाकी रह गया था वर्ना प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर उनके मंत्रिमंडल के अधिकतर सदस्यों के नाम तो भ्रष्टाचार और घोटालों के शिलापट पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो ही चुके हैं..! वोडाफोन के बहाने रही सही कसर को केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पूरा कर दिया..!
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के कपिल सिब्बल पर लगाए गए आरोप तो कम से कम यही कहानी बयां कर रहे हैं..! केजरीवाल ने कपिल सिब्बल के कानून मंत्रालय संभालते ही वोडाफोन के 11 हजार करोड़ रुपए के कर विवाद को अदालत से बाहर सुलझाने के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि सिब्बल के इस फैसले से भ्रष्टाचार की बू आ रही है औऱ इसके लिए सिब्बल और कंपनी के बीच मोटी डील हुई है..!
केजरीवाल के आरोपों में कितना दम है ये तो वक्त ही बताएगा लेकिन कानून मंत्रालय का पदभार संभालने के तुरंत बाद वोडाफोन के 11 हजार करोड़ के कर विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने का केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का जल्दबाजी भरा फैसला कई सवालों को तो जन्म देता ही है..!
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब कपिल सिब्बल मोदी के खिलाफ बड़ा खुलासा करने का दम भर रहे थे लेकिन खुलासे से पहले सिब्बल खुद ही खुल गए..! सिब्बल लगते तो समझदार हैं..! लेकिन वोडाफोन के मसले पर फैसला लेने में सिब्बल ने कुछ ज्यादा ही समझदारी दिखा दी..!
अरे सिब्बल साहब कुछ दिन ठहर जाते...फिर ले लेते वोडाफोन के मसले को अदालत से बाहर सुलझाने का फैसला...ऐसी भी क्या जल्दी थी..? कौन सा कोयला मंत्रालय आपको सिर्फ 24 घंटे के लिए ही मिला था..? वैसे भी तो यूपीए सरकार के आपके अधिकतर साथी भ्रष्टाचार और घोटालों के शिलापट पर अपना नाम खुदवा ही चुके हैं..! आप भी शिलापट पर नाम खुदवाने के फेर में आ गए...आप से तो ये उम्मीद नहीं थी..! लेकिन इसमें दोष आपका भी नहीं है...वैसे भी नेताओं को कुर्सी पर बैठने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा शिलापटों पर अपने नाम खुदवाने का शौक तो पुराना है..! ये शिलापट तो वैसे भी आपसे पहले कई दिग्गजों के नामों से सुशोभित है..! ऐसे मे अपना नाम लिखवाने के लिए आपका उतावलापन समझ में तो आता है..!

deepaktiwari555@gmail.com