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शुक्रवार, 14 जून 2013

नौ साल का वनडे मैच..!


आर्थिक सुधार कोई वन डे मैच नहीं है जिसमें हर गेंद पर विकेट गिरने या छक्का लगने की उम्मीद की जा सके..ये कहना है वित्त मंत्री पी चिदंबरम का। वैसे इसका आशय भी आप समझ ही गए होंगे कि चिदंबरम साहब कहना चाह रहे हैं कि आर्थिक सुधारों के लिए सरकार को और वक्त चाहिए। यूपीए सरकार को नौ साल हो गए हैं लेकिन बकौल चिदंबरम आर्थिक सुधारों के लिए ये नौ साल भी कम हैं..!
चिदंबरम की गणित को समझा जाए तो फिर आर्थिक सुधारों की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बेहतर नतीजे के लिए ये वक्त काफी नहीं है और यूपीए सरकार को कम से कम 50 साल शासन करने का मौका और दिया जाना चाहिए तब जाकर देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी..!
आर्थिक सुधारों के विषय में अपना सामान्य ज्ञान तो चिबंदरम के आगे कहीं टिकटा नहीं ऐसे में चलिए मान लेते हैं कि चिदंबरम साहब सही कह रहे हैं कि आर्थिक सुधार कोई वन डे मैच नहीं हैं लेकिन ये समझ नहीं आया कि फिर नौ साल तक यूपीए सरकार ने क्या काम किया..? अब जबकि सरकार का कार्यकाल सिर्फ एक साल बचा है तो चिदंबरम जनता को आर्थिक सुधार और वन डे मैच का गणित समझा रहे हैं..!
अरे चिदंबरम साहब आर्थिक सुधारों के संबंध में आपका सामान्य ज्ञान ज्यादा अच्छा होगा लेकिन वन डे मैच और 9 साल के यूपीए सरकार के कार्यकाल को देश की जनता आप से बेहतर ही समझ रही है।
नौ सालों में जब हर गेंद पर घोटालों और भ्रष्टाचार के रिकार्ड आपकी सरकार में शामिल लोग बना सकते हैं लेकिन देश की अर्थ व्यव्स्था को पटरी पर लाने के सवाल पर आप कहते हो कि आर्थिक सुधार कोई वनडे मैच नहीं है। चिदंबरम साहब सरकार में शामिल लोगों को ध्यान अगर घोटालों और भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होता तो शायद अर्थ व्यवस्था की ये हालत ही नहीं होती..! लेकिन अगर सरकार को अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की चिंता होती तो फिर नेताओं की जेबें घोटालों और भ्रष्टाचार की कमाई से कैसे भरती..?
रुपए की लगातार गिरावट पर चिदंबरम ये कहते हुए खुद के साथ ही जनता को दिलासा दे रहे हैं कि ब्राजील, मैकेसिको और चिली जैसे देश भी खराब दौर से गुजर रहे हैं..! गजब है चिदंबरम साहब तुलना भी कर रहे हो तो ब्राजील, मेक्सिको और चिली से...कभी चीन और जापान की बात भी तो कर लिया करो..आप तो ये देखकर खुश होने में लगे हैं कि चिली, मैक्सिको और ब्राजील भी ख़राब दौर से गुजर रहे हैं..!
दोष आपका भी नहीं है चिदंबरम साहब, जब देश के प्रधानमंत्री देश वासियों का सामान्य ज्ञान ये कहकर बढ़ाते हैं कि पैसे पेड़ पर नहीं लगते तो फिर आपसे क्या उम्मीद की जा सकती है..!

deepaktiwari555@gmail.com