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रविवार, 20 जनवरी 2013

आतंकवादी हैं हिंदु..!


पी चिदंबरम के बाद ये फिर से एक कांग्रेसी ही है और देश के गृहमंत्री की कुर्सी पर ही विराजमान हैं...जो आतंकवाद को धर्म और जाति से जोड़ते हैं। पहले तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ये कारनामा करते हैं और भगवा आतंकवादके नए नाम को जन्म देते हैं और अब देश के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे हिंदु आतंकवाद के नाम को जन्म देते हैं। शिंदे साहब आप राजनीति में हैं...जाहिर है सत्ता तक पहुंचना आपका एकमात्र मकसद रहता है और वोटों का खिसकना आपके माथे पर बल डाल देता है लेकिन वोट बैंक के लिए आप इतना गिर जाएंगे कि आंतकवाद को जाति और धर्म से जोडने लगे। शिंदे साहब देश की सीमा से भारत में घुसपैठ कर रहे आतंकी आपको नहीं दिखाई देते..! हमारे सैनिकों का हमारी सीमा में घुसकर सिर कलम करने वाले पाकिस्तानी सैनिक आपको नहीं दिखाई देते..! संसद में हमला करने वाले आतंकी आपको नहीं दिखाई देते..! 26/11 को मुंबई को दहलाने वाले आपको नहीं दिखाई देते..! इसके साथ ही देश में अलग – अलग हिस्सों में हुई आतंकवादी घटनाएं आपको नहीं दिखाई देते..! आपको दिखाई दे रहा है तो हिंदु आतंकवाद। गजब करते हो महाराज आतंकी हमले करने वाले आतंकवादी क्या किसी घटना को अंजाम देने से पहले वहां मौजूद लोगों की जाति देखते हैं या फिर आतंकी हमले में सिर्फ किसी जाति विशेष के ही लोग ही मारे जाते हैं..? ऐसा तो नहीं है न फिर आप कैसे आतंकवाद को किसी धर्म से किसी जाति से जोड़ सकते हो..! आपने कहा ये अल्पसंख्यकों को बदनाम करने की साजिश है...इसका मतलब तो ये हुआ शिंदे साहब कि आप पहले से ही ये मानकर बैठे हैं कि सिर्फ अल्पसंख्यक ही आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देते हैं। शिंदे साहब आतंकवाद की न कोई जाति होती है और न कोई धर्म...वे किसी भी घटना को अंजाम देने से पहले...किसी को मारने से पहले ये नहीं सोचते कि मरने वाले किस जाति के हैं..? वे सिर्फ मानवता के दुश्मन होते हैं और किसी भी मुल्क में अमन और चैन इन्हें बर्दाश्त नहीं होता। इनका सिर्फ एक ही मकसद होता है और वो है सिर्फ तबाही। शिंदे साहब आपके कंधे पर तो देश की सुरक्षा की...देश के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है और आप ही आतंकवाद को धर्म और जाति से जोड़कर देश को बांटने का काम कर रहे हैं..! शर्म करो शिंदे साहब शर्म करो वोटबैंक के लिए देश के दो टुकड़े तो मत करो। शर्म करो..शर्म करो..!!

deepaktiwari555@gmail.com

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