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सोमवार, 12 जनवरी 2015

दिल्ली में मोदी जादू या “आप” का झाड़ू ?

दिल्ली को एक बार फिर से मौका मिला है, अपनी सरकार चुनने का। दिल्ली की राजगद्दी में कौन बैठेगा इसका फैसला करने का ! 7 फरवरी को दिल्ली की जनता अपनी सरकार चुनेगी और 10 फरवरी को धुंध में लिपटी दिल्ली की तस्वीर शीशे की तरह साफ हो जाएगी कि आखिर दिल्ली को उसका राजा मिलेगा या फिर दिल्ली की कहानी फिर से वहीं अटक जाएगी जहां से इस नई कहानी की शुरुआत हुई थी। राजनीतिक दल तो बेकरार हैं ही लेकिन दिल्ली की जनता कितनी बेकरार है, ये भी 7 फरवरी को ही साफ हो जाएगा!
चुनाव की तारीख के ऐलान के बहाने एक छोटी सी तस्वीर है, जो वाकई में काफी रोचक है और ये तस्वीर खुद कहती है कि दिल्ली की जंग भी उतनी ही रोचक होगी।
तस्वीर दिल्ली के आरके पुरम विधानसभा क्षेत्र के आरके पुरम सेक्टर 9 के छोटी सी मार्केट की है। दिल्ली के रामलीला मैदान में मोदी की रैली से एक दिन पहले 9 जनवरी 2015 को चाय की दुकान पर काम करने वाला समीर जिसकी उम्र करीब 21-22 वर्ष होगी मुझसे पूछता है कि सर, कल मोदी रामलीला मैदान में आ रहे हैं। मैंने हां में जवाब दिया तो वह तपाक से बोला, मैं तो कल मोदी जी से मिलने रामलीला मैदान जाऊंगा।
अगले दिन 10 जनवरी को मोदी रामलीला मैदान में रैली को संबोधित कर रहे होते हैं तो उस चाय की दुकान का नजारा बदला बदला सा है। मोबाईल पर समाचार चैनल में मोदी का भाषण चल रहा है, और चाय की दुकान वाला मोनू चाय बनाते बनाते मोदी के भाषण को सुन रहा है, वहां खड़े कुछ लोगों का ध्यान भी छोटे से मोबाईल में भाषण देते दिखाई दे रहे मोदी की तरफ ही है। लेकिन दुकान में आज समीर नदारद है, पूछने पर मोनू बताता है कि समीर रामलीला मैदान गया है मोदी को सुनने के लिए !
चाय की दुकान के पास बिजली के खंभे में आम आदमी पार्टी का पोस्टर लगा है। पोस्टर में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी के सर्वे में आरके पुरम सीट आम आदमी पार्टी जीत रही है, ऐसे में चुनाव में आम आदमी पार्टी को ही वोट करें !
उसी दिन शाम का वक्त, समय करीब 7 बजे के करीब। कान में अरविंद केजरीवाल की आवाज सुनाई दे रही है। पास जाकर दिखाई दिया कि एक बड़े एलसीडी में केजरीवाल का रिकार्डेड भाषण बज रहा है। साथ ही दिल्ली में केजरीवाल सरकार के 49 दिनों के कार्यों का बखान किया जा रहा है। वहां से आते जाते लोग एक झलक एलसीडी को देखने के लिए रूकते हैं, फिर आगे बढ़ जाते हैं ! चाय की दुकान पर चाय पी रहे लोग भी एलसीडी को निहार रहे हैं, तो पास ही एक दुकान में मोमो खाते हुए लोगों का ध्यान भी एलसीडी की ही तरफ है।
चुनाव की तारीख का ऐलान होने से पहले की दिल्ली की एक विधानसभा की ये तस्वीर बताने के लिए काफी है कि जनवरी में दिल्ली की कड़कड़ाती सर्दी में भी सियासी पारा अपने चरम पर है। ये तस्वीर मोदी लहर के असर की एक झलक दिखाती है, तो दिल्ली में 49 दिन की सरकार के मुखिया रहे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की पूर्ण बहुमत पाने की ललक भी दिखाती है। दिल्ली की सत्ता पाने के लिए हर कोई बेकरार है, फिर चाहे भाजपा हो, आप हो या फिर अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही कांग्रेस! ऐसे में अब जब चुनावी तारीख का ऐलान हो चुका है तो हर कोई बस मतदाताओं को साधने की जुगत में जुट गया है। वैसे भी इस घड़ी का राजनीतिक दलों ने बड़ी ही बेसब्री से इंतजार किया है।  
कहते भी हैं कि इंतजार का फल मीठा होता है, देखना ये होगा कि इंतजार का ये मीठा फल दिल्ली में किसकी झोली में गिरता है।


deepaktiwari555@gmail.com

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